सामवेद (अध्याय 26)
पवस्व सोम मन्दयन्निन्द्राय मधुमत्तमः ॥ (१०)
हे सोम! आप पवित्र हैं. आप मदमाते हुए इंद्र के लिए श्रेष्ठ रस झरने की कृपा कीजिए. (१०)
O Mon! You are holy. Please offer the best rasa waterfall for Indra. (10)
अध्याय 26 → खंड 4 → मंत्र 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation