हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 26.4.11

अध्याय 26 → खंड 4 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 26)

सामवेद: | खंड: 4
ते सुतासो विपश्चितः शुक्रा वायुमसृक्षत ॥ (११)
हे सोम! आप प्रकाशमान व बुद्धिवर्दधक हैं. आप को वायु देव के लिए परिष्कृत किया जाता है. (११)
O Mon! You are enlightening and intelligent. You are refined to the vayu dev. (11)