सामवेद (अध्याय 26)
मा न इन्द्र पीयत्नवे मा शर्धते परा दाः । शिक्षा शचीवः शचीभिः ॥ (६)
हे इंद्र! आप हमें दुष्टों और अपमान करने वालों के भरोसे मत छोड़िए. आप पवित्र शिक्षा के द्वारा शची की तरह पवित्र धन प्रदान कीजिए. (६)
O Indra! Don't leave us to the wicked and the abusers. You provide holy wealth like shachi through holy education. (6)