हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 26.4.7

अध्याय 26 → खंड 4 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 26)

सामवेद: | खंड: 4
एन्द्र याहि हरिभिरुप कण्वस्य सुष्टुतिम् । दिवो अमुष्य शासतो दिवं यय दिवावसो ॥ (७)
हे इंद्र! आप घोड़ों के द्वारा पधारिए. आप कण्व की स्तुति सुनिए. हे स्वर्गलोकवासी! हम आप के राज में सुखी हैं. (७)
O Indra! You come by horses. You listen to the praise of Kanva. O inhabitants of heaven! We are happy under your rule. (7)