सामवेद (अध्याय 26)
यदिन्द्राहं यथा त्वमीशीय वस्व एक इत् । स्तोता मे गोसखा स्यात् ॥ (१)
हे इंद्र! आप धन के एकमात्र ईश्वर हैं. हम भी आप जैसे हो जाएं तो हमारे उपासक गायों के साथ हमारी प्रशंसा करेंगे. (१)
O Indra! You are the only God of wealth. If we also become like you, our worshippers will praise us along with cows. (1)