हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 26.7.8

अध्याय 26 → खंड 7 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 26)

सामवेद: | खंड: 7
उत वात पितासि न उत भ्रातोत नः सखा । स नो जीवातवे कृधि ॥ (८)
हे वायु! आप के सिवाय कोई हमारा पिता, भाई व मित्र नहीं है. आप हमारे जीवन को सामर्थ्यवान बनाने की कृपा कीजिए. (८)
O wind! There is no one our father, brother and friend except you. Please make our lives powerful. (8)