सामवेद (अध्याय 26)
यददो वात ते गृहे३ऽमृतं निहितं गुहा । तस्यो नो देहि जीवसे ॥ (९)
हे वायु! आप के पास गुप्त रूप से अमृत है. आप हमें जीने के लिए छिपा कर रखा हुआ वह गुप्त अमृत प्रदान करने की कृपा कीजिए. (९)
O wind! You secretly have nectar. Please give us that secret elixir hidden for living. (9)