सामवेद (अध्याय 27)
अस्माकमिन्द्रः समृतेषु ध्वजेष्वस्माकं या इषवस्ता जयन्तु । अस्माकं वीरा उत्तरे भवन्त्वस्माँ उ देवा अवता हवेषु ॥ (११)
हे इंद्र! आप युद्धों में हमारी सेना के रक्षक होइए. हमारे बाण शत्रुविजय करें. हमारे वीर युद्धों में विजय प्राप्त करें. यज्ञ में देवता हमारी रक्षा करें. हमारे ध्वजों पर विजय अंकित हो. (११)
O Indra! You be the protector of our army in wars. Let our arrows win enemies. Conquer our heroic wars. May the gods protect us in the yajna. Victory should be inscribed on our flags. (11)