हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 5.10.7

अध्याय 5 → खंड 10 → मंत्र 7 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 5)

सामवेद: | खंड: 10
सोमः पुनान ऊर्मिणाव्यं वारं वि धावति । अग्रे वाचः पवमानः कनिक्रदत् ॥ (७)
सोमरस पवित्र और छना हुआ है. छनने में आवाज करता हुआ वह भेड़ के बालों से बनी छलनी से छनता जाता है. (७)
Someras is holy and filtered. Making a sound in the sieve, he is filtered with a sieve made of sheep's hair. (7)