हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 5.4.10

अध्याय 5 → खंड 4 → मंत्र 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 5)

सामवेद: | खंड: 4
मन्द्रया सोम धारया वृषा पवस्व देवयुः । अव्यो वारेभिरस्मयुः ॥ (१०)
हे सोम! आप इच्छा पूरी करने वाले व देवताओं द्वारा चाहे गए हैं. हम भी आप को चाहते हैं. बालों से बनी छलनी से छनिए. आप आनंददायी धारा का रूप धरिए व संरक्षण दीजिए. (१०)
O Mon! You have been desired by the one who fulfills the wish and the gods. We also want you. Filter with a sieve made of hair. You take the form of a joyful stream and give protection. (10)