हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 5.6.4

अध्याय 5 → खंड 6 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 5)

सामवेद: | खंड: 6
अस्य प्रेषा हेमना पूयमानो देवो देवेभिः समपृक्त रसम् । सुतः पवित्रं पर्येति रेभन्मितेव सद्म पशुमन्ति होता ॥ (४)
सोमरस सोने से शुद्ध किया गया है. यह दिव्य और पवित्र है. इसे देवताओं को चढ़ाया जाता है. निचोड़ा गया सोमरस वैसे ही पात्र में जाता है, जैसे ग्वाला गाय के बाड़े में जाता है. (४)
Somers has been purified from gold. It is divine and sacred. It is offered to the gods. The squeezed someras goes into the vessel just like a cowherd goes into a cow enclosure. (4)