सामवेद (अध्याय 5)
पुरोजिती वो अन्धसः सुताय मादयित्नवे । अप श्वानँ श्नथिष्टन सखायो दीर्घजिह्व्यम् ॥ (१)
हे यजमानो! आप के आगे आनंददायी सोमरस रखा हुआ है. लंबीलंबी जीभ वाले कुत्ते इस के पास जाना चाहते हैं. आप उन कुत्तों को दूर भगाओ. (१)
O hosts! There is a joyful someras in front of you. Dogs with long tongues want to go near this. You drive those dogs away. (1)