हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 5.8.1

अध्याय 5 → खंड 8 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 5)

सामवेद: | खंड: 8
पुरोजिती वो अन्धसः सुताय मादयित्नवे । अप श्वानँ श्नथिष्टन सखायो दीर्घजिह्व्यम् ॥ (१)
हे यजमानो! आप के आगे आनंददायी सोमरस रखा हुआ है. लंबीलंबी जीभ वाले कुत्ते इस के पास जाना चाहते हैं. आप उन कुत्तों को दूर भगाओ. (१)
O hosts! There is a joyful someras in front of you. Dogs with long tongues want to go near this. You drive those dogs away. (1)