हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 6.4.8

अध्याय 6 → खंड 4 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 6)

सामवेद: | खंड: 4
मन्ये वाँ द्यावापृथिवी सुभोजसौ ये अप्रथेथाममितमभि योजनम् । द्यावापृथिवी भवतँ स्योने ते नो मुञ्चतमँहसः ॥ (८)
हे स्वर्गलोक और पृथ्वीलोक! आप हमारे पालनहार हैं. हम आप को इसी रूप में जानते हैं. आप हमारा अपार वैभव बढ़ाइए. हे स्वर्गलोक और पृथ्वीलोक के देवता! आप हमें सुख दीजिए. आप हमें पापों से दूर कीजिए. (८)
O paradise and earth! You are our sustainer. That's how we know you. You increase our immense glory. O God of heaven and earth! You give us happiness. You remove us from sins. (8)