हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 6.5.11

अध्याय 6 → खंड 5 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 6)

सामवेद: | खंड: 5
येना पावक चक्षसा भुरण्यन्तं जनाँ अनु । त्वं वरुण पश्यसि ॥ (११)
हे सूर्य! आप सभी को पवित्र व प्रकाशित करने वाले हैं. आप जिस प्रकाश से सब को प्रकाशित करते हैं हम उस की उपासना करते हैं. (११)
O sun! You are going to sanctify and illuminate everyone. We worship the light with which you illuminate all. (11)