हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 7.1.8

अध्याय 7 → खंड 1 → मंत्र 8 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 7)

सामवेद: | खंड: 1
अच्छा कोशं मधुश्चुतमसृग्रं वारे अव्यये । अवावशन्त धीतयः ॥ (८)
मधुर रस से भरे द्रोणकलश में भेड़ के बालों से बनी छलनी से यजमान सोमरस को छानछान कर तैयार करते हैं. यजमान की अंगुलियां बारबार उस सोमरस को शुद्ध करना चाहती हैं. (८)
In a dronalash filled with sweet juice, the host filters the somras with a sieve made of sheep's hair and prepares it. The host's fingers repeatedly want to purify that somers. (8)