सामवेद (अध्याय 7)
ब्रह्माणस्त्वा युजा वयँ सोमपामिन्द्र सोमिनः । सुतावन्तो हवामहे ॥ (९)
हे इंद्र! यजमान सोमयज्ञ (कर्ता) करने वाले हैं. सोमरस तैयार करने वाले यजमान ब्राह्मण हैं. हम आप के योग्य प्रार्थनाओं से सोमरस पीने वाले आप को आमंत्रित करते हैं. (९)
O Indra! The host is going to perform somayagya (doer). The hosts who prepare Someras are Brahmins. We invite you to drink Somerus from prayers worthy of you. (9)