हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 9.1.13

अध्याय 9 → खंड 1 → मंत्र 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 9)

सामवेद: | खंड: 1
पवमानस्य ते वयं पवित्रमभ्युन्दतः । सखित्वमा वृणीमहे ॥ (१३)
हे सोम! छलनी में छन कर पवित्र होने वाले आप से हम मित्रता की इच्छा रखते हैं. (१३)
O Mon! We wish to be friends with you who are purified by filtering in a sieve. (13)