सामवेद (अध्याय 9)
ता वां गीर्भिर्विपन्युवः प्रयस्वन्तो हवामहे । मेधसाता सनिष्यवः ॥ (१३)
हम स्तुतियों से अग्नि और इंद्र की उपासना करते हैं. उन को आमंत्रित करते हैं. हम धन के इच्छुक हवि के साथ आप दोनों को यज्ञ में आमंत्रित करते हैं. (१३)
We worship Agni and Indra with praises. Invite them. We invite both of you to the yagna with the desire for money. (13)