हरि ॐ

सामवेद (Samved)

सामवेद 9.2.6

अध्याय 9 → खंड 2 → मंत्र 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

सामवेद (अध्याय 9)

सामवेद: | खंड: 2
वरुणः प्राविता भुवन्मित्रो विश्वाभिरूतिभिः । करतां नः सुराधसः ॥ (६)
मित्र और वरुण देवता अपने सभी रक्षा साधनों से हमारी रक्षा करें. वे हमारे शरणदाता हैं. वे हमें यशस्वी धन प्रदान करने की कृपा करें. (६)
Friends and Varuna Devta protect us with all their defense means. They are our lenders. May they please give us successful wealth. (6)