सामवेद (अध्याय 9)
इन्द्र वाजेषु नोऽव सहस्रप्रधनेषु च । उग्र उग्राभिरूतिभिः ॥ (९)
हे इंद्र! आप किसी से नहीं हार सकते. आप हमें अपना प्रबल संरक्षण प्रदान कीजिए. जिन युद्धों में हजारों हाथीघोड़ों का लाभ होता है, उन युद्धों में भी आप हमारी सहायता कीजिए. (९)
O Indra! You can't lose to anyone. You give us your strong protection. Help us also in wars where thousands of elephants benefit. (9)