हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 11.1

अध्याय 11 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
यु॒ञ्जा॒नः प्र॑थ॒मं मन॑स्त॒त्त्वाय॑ सवि॒ता धियः॑। अ॒ग्नेर्ज्योति॑र्नि॒चाय्य॑ पृथि॒व्याऽअध्याभ॑रत् ॥ (१)
सविता देव सर्वप्रथम मन और बुद्धि को जोड़ते हैं. अग्नि में प्रकाश जगाते हैं. उस प्रकाश से पृथ्वी मंडल को पूरी तरह भर देते हैं. (१)
Savita Dev first connects mind and intellect. Light awakens in the agni. With that light, the earth completely fills the system. (1)