हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

अध्याय 11 के सभी मंत्र

यजुर्वेद अध्याय 11 के सभी मंत्र हिंदी अर्थ के साथ

यजुर्वेद (अध्याय 11)

यजुर्वेद:
यु॒ञ्जा॒नः प्र॑थ॒मं मन॑स्त॒त्त्वाय॑ सवि॒ता धियः॑। अ॒ग्नेर्ज्योति॑र्नि॒चाय्य॑ पृथि॒व्याऽअध्याभ॑रत् ॥ (१)
सविता देव सर्वप्रथम मन और बुद्धि को जोड़ते हैं. अग्नि में प्रकाश जगाते हैं. उस प्रकाश से पृथ्वी मंडल को पूरी तरह भर देते हैं. (१)
Savita Dev first connects mind and intellect. Light awakens in the agni. With that light, the earth completely fills the system. (1)

यजुर्वेद (अध्याय 11)

यजुर्वेद:
यु॒क्तेन॒ मन॑सा व॒यं दे॒वस्य॑ सवि॒तुः स॒वे। स्व॒र्ग्याय॒ शक्त्या॑ ॥ (२)
हम सविता देव के साथ मन से जुड़ सकें. हम उन से स्वर्ग के योग्य शक्ति प्राप्त कर सकें. (२)
May we connect with Savita Dev. May we get the power worthy of heaven from them. (2)

यजुर्वेद (अध्याय 11)

यजुर्वेद:
यु॒क्त्वाय॑ सवि॒ता दे॒वान्त्स्व॑र्य॒तो धि॒या दिव॑म्। बृ॒हज्ज्योतिः॑ करिष्य॒तः स॑वि॒ता प्रसु॑वाति॒ तान् ॥ (३)
सविता देव सभी को प्रकाशित करने बाले हैं. वे बुद्धि और स्वर्गलोक को प्रकाशित करते हैं. वे अपनी विशाल ज्योति को पूरी तरह विस्तार देते हैं. (३)
Savita Dev is the one who publishes everyone. They illuminate the intellect and heaven. They completely expand their vast light. (3)

यजुर्वेद (अध्याय 11)

यजुर्वेद:
यु॒ञ्जते॒ मन॑ऽउ॒त यु॑ञ्जते॒ धियो॒ विप्रा॒ विप्र॑स्य बृह॒तो वि॑प॒श्चितः॑। वि होत्रा॑ दधे वयुना॒विदेक॒ऽइन्म॒ही दे॒वस्य॑ सवि॒तुः परि॑ष्टुतिः ॥ (४)
विशेष रूप से ज्ञानी ऋत्विज्‌ यजमान के विशाल यज्ञ को सफल बनाने के लिए मन और बुद्धि को जोड़ते हैं. वह होता सभी विज्ञानों को जानने वाला है. वही उन्हें धारण भी करता है. सविता देव की स्तुति महिमामयी व संतोषदायी है. (४)
Especially the wise people combine the mind and intellect to make the huge yajna of the Ritwijjaman a success. He knows all sciences. He also holds them. The praise of Savita Dev is glorious and satisfying. (4)

यजुर्वेद (अध्याय 11)

यजुर्वेद:
यु॒जे वां॒ ब्रह्म॑ पू॒र्व्यं नमो॑भि॒र्वि श्लोक॑ऽएतु प॒थ्येव सू॒रेः। शृ॒ण्वन्तु॒ विश्वे॑ऽअ॒मृत॑स्य पु॒त्राऽआ ये धामा॑नि दि॒व्यानि॑ त॒स्थुः ॥ (५)
हे यजमान दंपती! हम परम शक्ति को नमस्कार करते हुए यज्ञ शुरू करते हैं. हम विशिष्ट श्लोकों से यह यज्ञ संपन्न करते हैं. हमारी यह उपासना सविता देव के पथ में पहुंचने की कृपा करे. अमरता के पुत्र दिव्य धाम में बैठे हुए देवगण हमारी इन स्तुतियों को सुनने की कृपा करें. (५)
O host couple! We start the yajna by saluting the supreme power. We perform this yajna with specific verses. Please this worship of ours to reach the path of Savita Dev. May the gods sitting in the divine abode, the sons of immortality, please listen to these praises of ours. (5)

यजुर्वेद (अध्याय 11)

यजुर्वेद:
यस्य॑ प्र॒याण॒मन्व॒न्यऽइद्य॒युर्दे॒वा दे॒वस्य॑ महि॒मान॒मोज॑सा। यः पार्थि॑वानि विम॒मे सऽएत॑शो॒ रजा॑सि दे॒वः स॑वि॒ता म॑हित्व॒ना ॥ (६)
जिस सविता देव के प्रयाण (गमन) महिमा और ओज का अन्य देवता गण अनुकरण करते हैं, वह सविता देव अपनी महिमा से सर्वत्र व्यापक हैं. (६)
Savita Dev, whose glory and glory is emulated by other deities, is widespread everywhere by her glory. (6)

यजुर्वेद (अध्याय 11)

यजुर्वेद:
देव॑ सवितः॒ प्रसु॑व य॒ज्ञं प्रसु॑व य॒ज्ञप॑तिं॒ भगा॑य। दि॒व्यो ग॑न्ध॒र्वः के॑त॒पूः केत॑न्नः पुनातु वा॒चस्पति॒र्वाचं॑ नः स्वदतु ॥ (७)
हे सबिता देव! आप सभी को यज्ञ के लिए प्रेरित करने की कृपा करें. यज्ञपति को सौभाग्यशाली बनाने की कृपा कीजिए. आप दिव्य और पवित्रकारी हैं. वाणी के स्वामी हैं. हमारी वाणी को मधुरता से संचारित करने की कृपा करें. (७)
O Sabita Dev! Please motivate all of you for yajna. Please make yajnapati lucky. You are divine and holy. He is the master of speech. Please communicate our speech sweetly. (7)

यजुर्वेद (अध्याय 11)

यजुर्वेद:
इ॒मं नो॑ देव सवितर्य॒ज्ञं प्रण॑य देवा॒व्यꣳ सखि॒विद॑ꣳ सत्रा॒जितं॑ धन॒जित॑ꣳ स्व॒र्जित॑म्। ऋ॒चा स्तोम॒ꣳ सम॑र्धय गाय॒त्रेण॑ रथन्त॒रं बृ॒हद् गा॑य॒त्रव॑र्त्तनि॒ स्वाहा॑ ॥ (८)
हे सविता देव! आप यज्ञ को और अधिक ऊर्जामय बनाते हैं. आप मित्रता को जानने वाले और धन जीतने बाले हैं. आप हमारे यज्ञ को बढ़ाइए. हम वैदिक मंत्रों से आप की स्तुति करते हैं. गायत्र साम से रथंतर और बृहत्साम को परिपुष्ट करने की कृपा कीजिए. सविता देव के लिए स्वाहा. (८)
O Savita Dev! You make the yajna more energetic. You are the one who knows friendship and wins money. You increase our yajna. We praise you with Vedic mantras. Please confirm Rathantar and Brihatsam from Gaitra Sama. Swaha for Savita Dev. (8)
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