हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 11.19

अध्याय 11 → मंत्र 19 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
आ॒क्रम्य॑ वाजिन् पृथि॒वीम॒ग्निमि॑च्छ रु॒चा त्वम्। भूम्या॑ वृ॒त्वाय॑ नो ब्रूहि॒ यतः॒ खने॑म॒ तं व॒यम् ॥ (१९)
हे बाजिन (चेतनायुक्त ऊर्जा)! आप पृथ्वी पर तेजी से विचरते हैं. आप अग्नि की चाह न कीजिए (इच्छा न करिए). आप प्रकाशित होने और भूमि को खोद कर हमें बताने की कृपा कीजिए. ताकि हम भी उसे खोद कर (ऊर्जस्वी पदार्थो को) प्राप्त कर सकें. (१९)
O Bajin (consciousness energy)! You roam the earth fast. You don't want agni (don't wish). Please let us know by you to be published and dig up the land. So that we can also dig it (energy materials). (19)