यजुर्वेद (अध्याय 11)
आपो॒ हि ष्ठा म॑यो॒भुव॒स्ता न॑ऽऊ॒र्जे द॑धातन। म॒हे रणा॑य॒ चक्ष॑से ॥ (५०)
हे जल देवो! आप भुवन में सुख के स्रोत व ऊर्जांधारी हैं. आप महान् देखने योग्य कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करें. (५०)
O water god! You are the source of happiness and energy in Bhuvan. Inspire you to do great things to see. (50)