यजुर्वेद (अध्याय 11)
अदि॑त्यै॒ रास्ना॒स्यदि॑तिष्टे॒ बिलं॑ गृभ्णातु। कृ॒त्वाय॒ सा म॒हीमु॒खां मृ॒न्मयीं॒ योनि॑म॒ग्नये॑। पु॒त्रेभ्यः॒ प्राय॑च्छ॒ददि॑तिः श्र॒पया॒निति॑ ॥ (५९)
आप उखा की मेखला में हैं. आप बीच के स्थान में ग्रहण किए जाएं. देवमाता पृथ्वी की मिट्टी से अग्नि की आधारभूत उखा बनाने की कृपा करें. मिटूटी से निर्मित इसे पकाने के लिए पुत्रों को देने की कृपा करें. (५९)
You are in ukha's mekhala. You should be assumed in the middle space. Devmata please make the basic height of agni from the soil of the earth. Please give it to the sons to cook it made of mituti. (59)