हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 12.67

अध्याय 12 → मंत्र 67 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
सीरा॑ युञ्जन्ति क॒वयो॑ यु॒गा वित॑न्वते॒ पृथ॑क्। धीरा॑ दे॒वेषु॑ सुम्न॒या ॥ (६७)
आप कवि व धीर हैं. देवों के अच्छे मन के लिए आप हल को बैल के जोड़े के साथ जोतते हैं. (६७)
You are a poet and patient. For the good mind of the gods, you plough the plough with a pair of bulls. (67)