हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 12.71

अध्याय 12 → मंत्र 71 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
लाङ्ग॑लं॒ पवी॑रवत् सु॒शेव॑ꣳ सोम॒पित्स॑रु। तदुद्व॑पति॒ गामविं॑ प्रफ॒र्व्यं च॒ पीव॑रीं प्र॒स्थाव॑द् रथ॒वाह॑णम् ॥ (७१)
हल फाल युक्त हैं. पृथ्वी को खोदते हैं. सोम के रक्षक और कल्याणकारी हैं. कृषि उत्पादन के साथ ही भेड़, बकरी पुष्ट, गौएं रथ बहन करने वाले उत्तम घोड़े प्रदान करते हैं. (७१)
The solutions are false. Dig the earth. Som's protectors and benefactors. Along with agricultural production, sheep, goats, fortified, cows provide the best horses to flow chariots. (71)