हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 12.73

अध्याय 12 → मंत्र 73 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
विमु॑च्यध्वमघ्न्या देवयाना॒ऽअग॑न्म॒ तम॑सस्पा॒रम॒स्य। ज्योति॑रापाम ॥ (७३)
मनुष्य अवध्य और यज्ञ के द्वारा देव मार्ग पर ले जाते हैं. आप संसार के पार ले जाने वाले हैं. हम ईश्वर की कृपा से ज्योति को प्राप्त करें. (७३)
Human beings take them on the path of God through Awadhya and Yagya. You are going to take you across the world. Let us receive light by the grace of God. (73)