यजुर्वेद (अध्याय 12)
अ॒न्या वो॑ऽअ॒न्याम॑वत्व॒न्यान्यस्या॒ऽउपा॑वत। ताः सर्वाः॑ संविदा॒नाऽइ॒दं मे॒ प्राव॑ता॒ वचः॑ ॥ (८८)
हे ओषधियो! आप एक दूसरे के प्रभाव को बढ़ाने की कृपा कीजिए. सभी ओषधियां परस्पर सहयोग और हमारे इन वचनों को सुनने की कृपा करें. (८८)
O o o ladies! Please increase each other's influence. May all medicines be kind to cooperate and listen to our words. (88)