हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 15.29

अध्याय 15 → मंत्र 29 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
सखा॑यः॒ सं वः॑ स॒म्यञ्च॒मिष॒ꣳस्तोमं॑ चा॒ग्नये॑। वर्षि॑ष्ठाय क्षिती॒नामू॒र्जो नप्त्रे॒ सह॑स्वते ॥ (२९)
अग्नि हमारे सखा हैं. वे हमें जल से सींचते हैं. हम उन के लिए स्तोत्र गाते हैं. चे ज्येष्ठ हैं और पृथ्वी को ऊर्जस्वी बनाते हैं. (२९)
Fire is our friend. They water us with water. We sing hymns to them. They are superior and make the earth energetic. (29)