यजुर्वेद (अध्याय 15)
भ॒द्रो नो॑ऽअ॒ग्निराहु॑तो भ॒द्रा रा॒तिः सु॑भग भ॒द्रो अ॑ध्व॒रः। भ॒द्राऽउ॒त प्रश॑स्तयः ॥ (३८)
अग्नि हमारे कल्याण के लिए प्रकट होते हैं. हम कल्याण के लिए उन का आह्वान करते हैं. वे हमारे लिए कल्याणकारी व सौभाग्यवर्द्धक धन प्रदान करते हैं. हम कल्याणकारी सज्ञों में उन के लिए स्तोत्र गाते हैं. (३८)
Fire appears for our welfare. We call upon them for welfare. They provide welfare and good luck for us. We sing hymns for them in welfare experts. (38)