हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 16.5

अध्याय 16 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
अध्य॑वोचदधिव॒क्ता प्र॑थ॒मो दैव्यो॑ भि॒षक्। अही॑ श्चँ॒ सर्वा॑ञ्ज॒म्भय॒न्त्सर्वा॑श्च यातुधा॒न्योऽध॒राचीः॒ परा॑ सुव ॥ (५)
रूद्र देव अधिवक्ता, प्रथम देव व वैद्य आप सभी हिंसक प्राणियों व नीच प्रवृत्ति वालों को नष्ट करने की कृपा कीजिए. (५)
Rudra Dev Advocate, First God and Vaidya, please destroy all violent beings and lowly tendencies. (5)