हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 18.74

अध्याय 18 → मंत्र 74 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
अ॒श्याम॒ तं काम॑मग्ने॒ तवो॒तीऽअ॒श्याम॑ र॒यिꣳ र॑यिवः सु॒वीर॑म्। अ॒श्याम॒ वाज॑म॒भि वा॒ज॑यन्तो॒ऽश्याम॑ द्यु॒म्नम॑जरा॒जरं॑ ते ॥ (७४)
हे अग्नि! आप हमारी सभी कामनाएं फलीभूत करें. आप हमें धनवान, श्रेष्ठ वीर पुत्रों बाला, बलवान व धनवान बनाएं. हम आप से सदा अजर व अमर रहने वाली द्युति (कांति चमक) पाएं. (७४)
O agni! May all our wishes come to fruition. May you make us rich, the best brave sons, strong and wealthy. May we get from you the dyuti (brightness) that is always ajar and immortal. (74)