यजुर्वेद (अध्याय 19)
यदा॑पि॒पेष॑ मा॒तरं॑ पु॒त्रः प्रमु॑दितो॒ धय॑न्। ए॒तत्तद॑ग्नेऽअनृ॒णो भ॑वा॒म्यह॑तौ पि॒तरौ॒ मया॑। स॒म्पृच॑ स्थ॒ सं मा॑ भ॒द्रेण॑ पृङ्क्त वि॒पृच॑ स्थ॒ वि मा॑ पा॒प्मना॑ पृङ्क्त ॥ (११)
दूध पीता हुआ बालक प्रमुदित होता हुआ मां को प्रताड़ित करता है, उसी प्रकार हम मातापिता के ऋण से उऋण होना चाहते हैं. मातापिता कल्याणकारी हैं. आप हमें पापों से दूर या अलग करने की कृपा कीजिए. (११)
The child drinking milk tortures the mother while getting married, in the same way we want to get rid of the debt of the parents. Parents are welfare. Please remove or separate us from sins. (11)