हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 19.38

अध्याय 19 → मंत्र 38 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
अग्न॒ऽआयू॑षि पवस॒ऽआ सु॒वोर्ज॒मिषं॑ च नः। आ॒रे बा॑धस्व दु॒च्छुना॑म् ॥ (३८)
हे अग्नि! आप आयुदायक व पतित्रताकारी हैं. आप हमें अच्छा अन्न प्रदान करने की कृपा करें. आप हमारी बाधाओं को दूर करने की कृपा करें. आप दुष्टों को दूर करने की कृपा करें. (३८)
O agni! You are life-loving and impure. Please provide us with good food. Please remove our obstacles. Please remove the wicked. (38)