यजुर्वेद (अध्याय 19)
ये स॑मा॒नाः सम॑नसः पि॒तरो॑ यम॒राज्ये॑। तेषां॑ लो॒कः स्व॒धा नमो॑ य॒ज्ञो दे॒वेषु॑ कल्पताम् ॥ (४५)
यम के राज्य में जो हमारे समान मान वाले और समान मन वाले पितर हैं, उन के लोक में हमारी स्वधा व नमस्कार पहुंचें. हमारा यज्ञ सभी देवताओं के लिए फलीभूत हो. (४५)
In the kingdom of Yama, those who are fathers of the same value and the same mind, reach our swadha and namaskar in their world. May our yajna come to fruition for all gods. (45)