यजुर्वेद (अध्याय 19)
आ॒त्मन्नु॒पस्थे॒ न वृक॑स्य॒ लोम॒ मुखे॒ श्मश्रू॑णि॒ न व्या॑घ्रलो॒म। केशा॒ न शी॒र्षन् यश॑से श्रि॒यै शिखा॑ सि॒ꣳहस्य॒ लोम॒ त्विषि॑रिन्द्रि॒याणि॑ ॥ (९२)
विराट् इंद्र देव के शरीर में उपस्थ भाग के तथा नीचे के भाग के लोम वृक् के लोम रूप हुए. विराट् इंद्र देव के शरीर के व्याघ्र के लोम दाढ़ीमूंछ हुए. सिर पर यश के लिए केश उपजे. शोभा के लिए चोटी बनाई. अन्य इंद्रियों की त्वचा पर बाल सिंह के लोम के रूप में हुए. (९२)
In the body of Virat Indra Dev, the lom of the upper part and the lower part of the lom kidney were formed. Virat Indra Dev's body was shaved and bearded. Hair stems for glory on the head. Made the peak for grace. The hair on the skin of the other senses occurred as a lion's lom. (92)