यजुर्वेद (अध्याय 19)
तेजः॑ पशू॒ना ह॒विरि॑न्द्रि॒याव॑त् परि॒स्रुता॒ पय॑सा सार॒घं मधु॑। अ॒श्विभ्यां॑ दु॒ग्धं भि॒षजा॒ सर॑स्वत्या सुतासु॒ताभ्या॑म॒मृतः॒ सोम॒ऽइन्दुः॑ ॥ (९५)
बैद्य अश्विनीकुमार और देवी सरस्वती ने पशुओं के तेज से इंद्र देव के लिए हवि निर्मित की. दूध और घी को मधुमक्खियों के मधु के साथ मिला कर मधुर पेय निर्मित किया. अमृत जैसा शक्तिवर्द्धक सोमरस तैयार किया. (९५)
Baidya Ashwinikumar and Goddess Saraswati made havi for Indra Dev with the radiance of animals. Prepared an nectar-like powerful somras. (95)