हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 2.23

अध्याय 2 → मंत्र 23 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
कस्त्वा॒ विमु॑ञ्चति॒ स त्वा॒ विमु॑ञ्चति॒ कस्मै॑ त्वा॒ विमु॑ञ्चति॒ तस्मै॑ त्वा॒ विमु॑ञ्चति॒। पोषा॑य॒ रक्ष॑सां भा॒गोऽसि ॥ (२३)
कौन आप को छोड़ता है? किसलिए आप को छोड़ता है? वह आप को अन्य (याजकों और उन के परिजनों) के लिए छोड़ता है. जो भाग अवशिष्ट है, वह राक्षसों के पोषण के लिए है. (२३)
Who leaves you? Why does he leave you? He leaves you to others (priests and their kin). The part that is residual is for nurturing demons. (23)