यजुर्वेद (अध्याय 2)
सं वर्च॑सा॒ पय॑सा॒ सं त॒नूभि॒रग॑न्महि॒ मन॑सा॒ सꣳ शि॒वेन॑। त्वष्टा॑ सु॒दत्रो॒ विद॑धातु॒ रायोऽनु॑मार्ष्टु त॒न्वो यद्विलि॑ष्टम् ॥ (२४)
हम वर्चस्वी हों. हम दूध से अपने तन को पोषित करें. हमारे मन कल्याणमयी भावनाओं से युक्त हों. हमारे लिए धन धारण करने की कृपा करें. हमारे शरीर में जो भी कमी हो, वह पूरी करने की कृपा करें. (२४)
Let us be dominant. Let us nourish our body with milk. May our minds be filled with feelings of well-being. Please hold money for us. Whatever is lacking in our body, please fulfill it. (24)