हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 20.16

अध्याय 20 → मंत्र 16 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
यदि॒ जाग्र॒द् यदि॒ स्वप्न॒ऽएना॑सि चकृ॒मा व॒यम्। सूर्यो॑ मा॒ तस्मा॒देन॑सो॒ विश्वा॑न्मुञ्च॒त्वꣳह॑सः ॥ (१६)
जाग्रत अवस्था या सोती हुई अवस्था में जो कोई भी पाप हम ने किया हो तो सूर्य हमें उस पाप से बचाने की कृपा करों. (१६)
Whatever sin we have committed in the waking state or sleeping state, please the sun to save us from that sin. (16)