हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 21.23

अध्याय 21 → मंत्र 23 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
व॒स॒न्तेन॑ऽऋ॒तुना॑ दे॒वा वस॑वस्त्रि॒वृता॑ स्तु॒ताः।र॒थ॒न्त॒रेण॒ तेज॑सा ह॒विरिन्द्रे॒ वयो॑ दधुः ॥ (२३)
बसुदेवगणों की वसंत ऋतु तथा त्रिवृत छंद से स्तुति की गई है. वसुदेवगण की रथंतर छंद से स्तुति की गई है. हम तेज और हवि को इंद्र देव हेतु स्थापित करते हैं. इंद्र देव हमारे लिए बल और आयु धारने की कृपा करें. (२३)
Basudevas have been praised in the spring season and with trivrit verses. Vasudevagan has been praised with rathantar verses. We establish Tej and Havi for Indra Dev. May Indra Dev bless us with strength and life. (23)