यजुर्वेद (अध्याय 21)
होता॑ यक्षत्स॒मिधा॒ऽग्निमि॒डस्प॒देऽश्विनेन्द्र॒ꣳ सर॑स्वतीम॒जो धू॒म्रो न गो॒धूमैः॒ कुव॑लैर्भेष॒जं मधु॒ शष्पै॒र्न तेज॑ऽइन्द्रि॒यं पयः॒ सोमः॑ परि॒स्रुता॑ घृ॒तं मधु॒ व्यन्त्वाज्य॑स्य॒ होत॒र्यज॑ ॥ (२९)
होता ने अग्नि में समिधाएं प्रज्वलित की हैं. यह यज्ञ अश्विनी देव, इंद्र देव और सरस्वती देवी के लिए किया जा रहा है. इस यज्ञ से गोधूम ओषधियां, मधु, दूध, सोम च घी प्राप्त होते हैं. होता सब के कल्याण के लिए यज्ञ करने की कृपा करें. (२९)
Hota has ignited the flames in the agni. This yajna is being performed for Ashwini Dev, Indra Dev and Saraswati Devi. From this yajna, godhum medicines, honey, milk, som cha ghee are obtained. Please perform yajna for the welfare of all. (29)