हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 22.12

अध्याय 22 → मंत्र 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
सु॒ष्टु॒तिꣳ सु॑मती॒वृधो॑ रा॒तिꣳ स॑वि॒तुरी॑महे। प्र दे॒वाय॑ मती॒विदे॑ ॥ (१२)
हे सविता देव! आप सुमति की बढ़ोतरी करते हैं. आप हम को सुष्ठु (श्रेष्ठ) गति प्रदान करने की कृपा कीजिए. हम बुद्धिपूर्वक सविता देव की उपासना करते हैं. (१२)
O Savita Dev! You increase the sumathi. Please give us a good momentum. We worship Savita Dev wisely. (12)