हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 22.21

अध्याय 22 → मंत्र 21 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
विश्वो॑ दे॒वस्य॑ ने॒तुर्मर्त्तो॑ वुरीत स॒ख्यम्। विश्वो॑ रा॒यऽइ॑षुध्यति द्यु॒म्नं वृ॑णीत पु॒ष्यसे॒ स्वाहा॑ ॥ (२१)
सविता देव संसार के नायक हैं. हम उन की मित्रता व संसार के सारे वैभव पाना चाहते हैं. हम पुष्टता चाहते हैं. हम स्वर्गलोक चाहते हैं. सविता देव हेतु स्वाहा. (२१)
Savita Dev is the hero of the world. We want to get their friendship and all the glory of the world. We want confirmation. We want heaven. Swaha for Savita Dev. (21)