यजुर्वेद (अध्याय 22)
स्व॒गा त्वा॑ दे॒वेभ्यः॑ प्र॒जाप॑तये॒ ब्रह्म॒न्नश्वं॑ भ॒न्त्स्यामि॑ दे॒वेभ्यः॑ प्र॒जाप॑तये॒ तेन॑ राध्यासम्। तं ब॑धान दे॒वेभ्यः॑ प्र॒जाप॑तये॒ तेन॑ राध्नुहि ॥ (४)
आप सर्वत्र गमन करने वाले हैं. आप देवों तक स्वयं जाने वाले हैं. आप प्रजापति तक पहुंचने बाले हैं. अग्नि ब्रहाज्ञानी हैं. हम आप से देवताओं तक पहुंचने की प्रार्थना करते हैं. देवता और प्रजापति हमें सब प्रकार के धन प्रदान करने की कृपा करों. (४)
You are going to go everywhere. You are going to go to the gods yourself. You are going to reach Prajapati. Agni is a brahmagyan. We pray to you to reach out to the gods. May the gods and prajapatis please provide us with all kinds of wealth. (4)