यजुर्वेद (अध्याय 25)
स्व॒स्ति न॒ऽइन्द्रो॑ वृ॒द्धश्र॑वाः स्व॒स्ति नः॑ पू॒षा वि॒श्ववे॑दाः।स्व॒स्ति न॒स्तार्क्ष्यो॒ऽअरि॑ष्टनेमिः स्व॒स्ति नो॒ बृह॒स्पति॑र्दधातु ॥ (१९)
ऐश्वर्यवान इंद्र देव, सर्वज्ञाता पूषा व अनिष्ट नाशक पंखवान गरुड़ इंद्र देव हमारा कल्याण करने की कृपा करें. बृहस्पति देव व उपर्युक्त सभी देव हमारा कल्याण करने वाले हों. (१९)
May the opulence-rich Indra Dev, the omniscient Pusha and the evil-destroying wing- Garuda Indra Dev be pleased to do our welfare. Jupiter Dev and all the above mentioned gods should be good for us. (19)