हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

यजुर्वेद 26.25

अध्याय 26 → मंत्र 25 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

यजुर्वेद:
स्वादि॑ष्ठया॒ मदि॑ष्ठया॒ पव॑स्व सोम॒ धार॑या। इन्द्रा॑य॒ पात॑वे सु॒तः ॥ (२५)
हे सोम! आप स्वादिष्ट और मददायी हैं. आप अपनी पवित्र धाराओं से इंद्र देव के पीने के लिए बहें. (२५)
O Mon! You are delicious and drinky. You should flow from your holy streams to the drink of Indra Dev. (25)