हरि ॐ

यजुर्वेद (Yajurved)

अध्याय 28 के सभी मंत्र

यजुर्वेद अध्याय 28 के सभी मंत्र हिंदी अर्थ के साथ

यजुर्वेद (अध्याय 28)

यजुर्वेद:
होता॑ यक्षत्स॒मिधेन्द्र॑मि॒डस्प॒दे नाभा॑ पृथि॒व्याऽ अधि॑। दि॒वो वर्ष्म॒न्त्समि॑ध्यत॒ऽओजि॑ष्ठश्चर्षणी॒सहां॒ वेत्वाज्य॑स्य॒ होत॒र्यज॑ ॥ (१)
होता (पुरोहित) समिधा से इंद्र देव के लिए यज्ञ करते हैं. यज्ञ पृथ्वी और अंतरिक्ष की नाभि है. स्वर्गलोक में समिधा चमक रही है. इंद्र देव ओजस्वी और विजेता हैं. यजमान से अनुरोध है कि वह उन के लिए यज्ञ करने की कृपा करें. उन से अनुरोध है कि वे हवि ग्रहण करने की कृपा करें. (१)
The priest performs yajna for Indra Dev from Samidha. Yajna is the navel of earth and space. Samidha is shining in heaven. Indra Dev is energetic and victorious. The host is requested to kindly perform yagna for them. They are requested to please accept havi. (1)

यजुर्वेद (अध्याय 28)

यजुर्वेद:
होता॑ यक्ष॒त् तनू॒नपा॑तमू॒तिभि॒र्जेता॑र॒मप॑राजितम्। इन्द्रं॑ दे॒वस्व॒र्विदं॑ प॒थिभि॒र्मधु॑मत्तमै॒र्नरा॒शꣳसे॑न॒ तेज॑सा॒ वेत्वाज्य॑स्य॒ होत॒र्यज॑ ॥ (२)
इंद्र देव तेजस्वी, शरीर के रक्षक, अपने रक्षा साधनों से जीतने वाले और कभी नहीं हारने वाले हैं. होता उन के प्रति प्रसन्नतादायी आहुतियों से यज्ञ करते हैं. वे आत्मज्ञाता हैं. वे मधुर हवि ग्रहण करने की कृपा करें. होता उन के लिए यज्ञ करने की कृपा करें. (२)
Indra Dev is stunning, the protector of the body, the winner with his defense means and never the loser. They perform yajna with happy offerings to them. They are self-conscious. Please take them to receive sweet havi. Please do yajna for them. (2)

यजुर्वेद (अध्याय 28)

यजुर्वेद:
होता॑ यक्ष॒दिडा॑भि॒रिन्द्र॑मीडि॒तमा॒जुह्वा॑न॒मम॑र्त्यम्। दे॒वो दे॒वैः सवी॑र्यो॒ वज्र॑हस्तः पुरन्द॒रो वेत्वाज्य॑स्य॒ होत॒र्यज॑ ॥ (३)
इंद्र देव अमर, उपासना के योग्य है. वे देवताओं के सर्वेसर्वा और उन के हाथ में चज्र हैं. वे शत्रुओं के नगर नष्ट करने वाले हैं. होता उन के लिए मधुर प्रार्थनाओं से यज्ञ करने की कृपा करों. वे हवि द्वारा आनंदित होने की कृपा करें. (३)
Indra Dev is immortal, worthy of worship. He is the deva of the gods and in their hands. They are going to destroy the cities of enemies. Please perform yajna with sweet prayers for them. May they be pleased to be rejoiced by Eve. (3)

यजुर्वेद (अध्याय 28)

यजुर्वेद:
होता॑ यक्षद् ब॒र्हिषीन्द्रं॑ निषद्व॒रं वृ॑ष॒भं नर्या॑पसम्। वसु॑भी रु॒द्रैरा॑दि॒त्यैः स॒युग्भि॑र्ब॒र्हिरास॑दद् वेत्वाज्य॑स्य॒ होत॒र्यज॑ ॥ (४)
इंद्र देव धनवर्षक, यजमानों का हित चाहने वाले व बलवान हैं. होता कुश के आसन पर विराज कर उन के लिए यज्ञ करते हैं. वे वसु, रुद्र, आदित्य और अपने साथ के अन्य देवों के साथ कुश के आसन पर बैठ कर हवि ग्रहण करने की कृपा करें. होता उन के लिए यज्ञ करने की कृपा करें. (४)
Indra Dev is a rich man, a lover of the interests of the hosts and is strong. He performs yagna for Kush by sitting on the seat of Kush. They should sit on the seat of Kusha along with Vasu, Rudra, Aditya and other gods with them and take the havi. Please perform yajna for them. (4)

यजुर्वेद (अध्याय 28)

यजुर्वेद:
होता॑ यक्ष॒दोजो॒ न वी॒र्यꣳ सहो॒ द्वार॒ऽ इन्द्र॑मवर्द्धयन्।सु॒प्रा॒य॒णाऽ अ॒स्मिन् य॒ज्ञे वि श्र॑यन्ता॒मृता॒वृधो॒ द्वार॒ इन्द्रा॑य मी॒ढुषे॒ व्यन्त्वाज्य॑स्य॒ होत॒र्यज॑ ॥ (५)
होता ने इंद्र देव हेतु यज्ञ किया. उन्होंने उन की बढ़ोतरी की एवं उन के ओज और वीर्य की बढ़ोतरी की. इस अज्ञ में यज्ञ को बढ़ाने वाले द्वार की ओर देवता अच्छी तरह प्रयाण करें. चे इच्छापूर्ति करने बाले हैं. वे यज्ञ में पधारें. अमृत स्वरूप हवि को ग्रहण करने की कृपा करें. हम उन के लिए यज्ञ करते हैं. होता उन के लिए यज्ञ कीजिए. (५)
Hota performed yajna for Indra Dev. He increased them and increased their weight and semen. They are wishful. They come to the yagna. Please take havi as nectar. We perform yagna for them. Do yajna for them. (5)

यजुर्वेद (अध्याय 28)

यजुर्वेद:
होता॑ यक्षदु॒षेऽ इन्द्र॑स्य धे॒नू सु॒दुघे॑ मा॒तरा॑ म॒ही।स॒वा॒तरौ॒ न तेज॑सा व॒त्समिन्द्र॑मवर्द्धतां वी॒तामाज्य॑स्य॒ होत॒र्यज॑ ॥ (६)
इंद्र देव के लिए पृथ्वी मां जैसी है, अच्छे दूधवाली गायों जैसी है. होता ने महान्‌ उन के लिए पवित्र यज्ञ किया. होता ने अपने तेज से उन की बढ़ोतरी की. जैसे मां के प्यार से बच्चा दृढ़ बनता है, वैसे ही वे हवि से दृढ़ हों. होता! आप उन के लिए यज्ञ कीजिए. (६)
For Indra Dev, the earth is like mother, like good milk cows. Hota performed a holy sacrifice for him great. Hota grew them with her speed. Just as the child becomes firm with the love of the mother, so they are firm with havi. One who offers oblations in a sacrificial agni! You perform yajna for them. (6)

यजुर्वेद (अध्याय 28)

यजुर्वेद:
होता॑ यक्ष॒द् दैव्या॒ होता॑रा भि॒षजा॒ सखा॑या ह॒विषेन्द्रं॑ भिषज्यतः।क॒वी दे॒वौ प्रचे॑तसा॒विन्द्रा॑य धत्तऽ इन्द्रि॒यं वी॒तामाज्य॑स्य॒ होत॒र्यज॑ ॥ (७)
अश्विनीकुमार दिव्य, भिषगाचार्य (चिकित्सक) हमारे सखा, इंद्र देव के वैद्य और कवि हैं. वे श्रेष्ठ चित्त बाले हैं. इंद्र देव के लिए स्वास्थ्य धारण करते हैं. होता देवों ने अश्विनीकुमारों के लिए यज्ञ किया. अश्विनीकुमार हवि ग्रहण करने की कृपा करें. होता उन के लिए यज्ञ करने की कृपा करों. (७)
Ashwinikumar Divya, Bhishgacharya (physician) is our friend, Indra Dev's vaidya and poet. They are the best minds. Indra holds health for Dev. Hota Devas performed yagna for Ashwinikumars. Please accept Ashwini Kumar Havi. Please do yajna for them. (7)

यजुर्वेद (अध्याय 28)

यजुर्वेद:
होता॑ यक्षत् ति॒स्रो दे॒वीर्न भे॑ष॒जं त्रय॑स्त्रि॒धात॑वो॒ऽपस॒ऽ इडा॒ सर॑स्वती॒ भार॑ती म॒हीः। इन्द्र॑पत्नीर्ह॒विष्म॑ती॒र्व्यन्त्वाज्य॑स्य॒ होत॒र्यज॑ ॥ (८)
होता ने इड़ा, सरस्वती व भारती के लिए यज्ञ किया. तीनों देवियों के लिए होता ने यज्ञ किया. ये तीनों देवियां तीनों लोकों में तीनों ऋतुओं को धारण करने बाले इंद्र देव की आज्ञा का पालन करती हैं. ये तीनों देवियां ओषधि युक्त हैं. तीनों देवियां हविष्मती हों. यजमान इन के लिए यज्ञ करने की कृपा करें. (८)
Hota performed yagna for Ida, Saraswati and Bharati. Hota performed yagna for the three goddesses. These three goddesses obey indra dev to wear the three seasons in the three worlds. These three goddesses are medicinal. All three goddesses are lustful. Please the host to perform yajna for them. (8)
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