यजुर्वेद (अध्याय 28)
होता॑ यक्ष॒त् पेश॑स्वतीस्ति॒स्रो दे॒वीर्हि॑र॒ण्ययी॒र्भार॑तीर्बृह॒तीर्म॒हीः पति॒मिन्द्रं॑ वयो॒धस॑म्। वि॒राजं॒ छन्द॑ऽइ॒हेन्द्रि॒यं धे॒नुं गां न वयो॒ दध॒द् व्यन्त्वाज्य॑स्य॒ होत॒र्यज॑ ॥ (३१)
होता ने इंद्र देव के लिए यज्ञ किया. पालक इंद्र देव इड़ा, सरस्वती व भारती देवी के साथ हैं. ये देवियां आयुधारी, स्वर्णमयी, विशाल और महिमामयी हैं. हम विराज छंद से इंद्र देव के लिए उपासना करते हैं. हम इंद्रिय शक्ति से इंद्र देव की उपासना करते हैं. हम दुधारू गाएं उन के लिए धारण करते हैं. हम यजमान उन के लिए आहुति भेंट करें. यजमान उन के लिए यज्ञ करने की कृपा करें. (३१)
Hota performed a yagna for Indra Dev. Parents are with Indra Dev Ida, Saraswati and Bharati Devi. These goddesses are aged, golden, vast and glorious. We worship for Indra Dev from viraj verses. We worship Indra Dev with sense power. We hold milch cows for them. Let us hosts offer sacrifices for them. May the host please perform yajna for them. (31)